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Team The YuvaTime
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22 October 2020

COVID-19: आखिरकार नींद से जागा चुनाव आयोग, कहा- जनता को जोखिम में डाल रहे नेता

बिहार चुनाव को लेकर रैलियों का दौर लगातार जारी है। सभी पार्टियों की रैली में लोग मास्क के बिना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए बगैर बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं। इसे पार्टी के नेता भी रोकने का काम नहीं कर रहे हैं। कई रैलियों के हो जाने के बाद आखिरकार चुनाव आयोग की नींद खुल गई है। आयोग ने कहा है कि राजनीतिक दल दिशानिर्देशों का पालन नहीं करके उम्मीदवारों और आम जनता को COVID -19 संक्रमण के जोखिम में डाल रहे हैं।

आयोग ने अगस्त में कोरोना को लेकर कई नियम जारी किए थे। विशेष रूप से 28 अक्टूबर से 7 नवंबर तक होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों के लिए। पार्टियों से बड़े सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल, ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल, कम भीड़ वाली नामांकन प्रक्रिया और कड़े नियमों से चुनाव प्रचार के लिए कहा था। इन सभी नियमों को राजनीतिक पार्टियां नहीं मान रही हैं।

आयोग ने बुधवार (21 अक्टूबर) को जारी पत्र में कहा कि राजनीतिक सभाओं में बड़ी भीड़ को लेकर जारी नियमों का उल्लंघन किया जाता है। नेताओं द्वारा बिना मास्क पहने सभाओं को संबोधित किया जाता है। उदाहरण के लिए, 15 अक्टूबर को बिहार के सारण जिले में कई लोग घायल हो गए थे, जब जनता दल (यूनाइटेड) के नेता के लिए बनाया गया मंच भारी भीड़ के कारण ढह गया था। यह देखा गया कि इस घटना में सैकड़ों की संख्या में कोई COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहा था।

आयोग के पत्र में कहा गया है कि ऐसा करने से राजनीतिक दल और उम्मीदवार न केवल आयोग के दिशा-निर्देशों को पूरी तरह से ठुकरा रहे हैं, बल्कि रैलियों / सभाओं में भीड़ को शामिल कर रहे हैं। यह संक्रमण को बढ़ा सकता है। भारत में अब तक 77 लाख से अधिक COVID-19 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 1.16 लाख से अधिक लोगों की जान गई है। देश में फिलहाल 7.16 लाख सक्रिय मामले हैं।
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